Class 10 Hindi Ch 6 – Sangatkar | All Questions
NCERT CLASS 10 HINDI • KSHITIJ CHAPTER 6 • SANGATKAR • COMPLETE SOLUTIONS

संगतकार

कवि: मंगलेश डबराल (Manglesh Dabral)

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास
प्रश्न 1
संगतकार के माध्यम से कवि किस प्रकार के व्यक्तियों की ओर संकेत करना चाह रहा है?
संगतकार के माध्यम से कवि किसी भी कार्य अथवा कला में लगे उन सहायक कर्मचारियों और कलाकारों की ओर संकेत कर रहा है जो मुख्य व्यक्ति की सफलता के लिए समर्पित रहते हैं। जैसे संगतकार मुख्य गायक के साथ मिलकर उसके सुरों में अपने सुरों को मिलाकर उसके गायन में नई जान फूँकता है, लेकिन उसका सारा श्रेय मुख्य गायक को ही प्राप्त होता है।
प्रश्न 2
संगतकार जैसे व्यक्ति संगीत के अलावा और किन-किन क्षेत्रों में दिखाई देते हैं?
संगतकार जैसे व्यक्ति संगीत के अलावा राजनीति, सिनेमा, नाटक और धर्म के क्षेत्रों में भी दिखाई देते हैं। जैसे बड़े-बड़े नेताओं के इर्द-गिर्द रहने वाले सहायक और कार्यकर्ता, अभिनेताओं के साथ काम करने वाले सह-कलाकार और तकनीशियन, तथा संतों-महात्माओं के शिष्यों में भी यही भूमिका दिखाई देती है। वे मुख्य व्यक्ति के महत्त्व को बढ़ाने के लिए अपनी पहचान गौण कर देते हैं।
प्रश्न 3
संगतकार किन-किन रूपों में मुख्य गायक-गायिकाओं की मदद करते हैं?
संगतकार निम्नलिखित रूपों में मदद करते हैं:
  • वे अपनी आवाज़ की गूँज को मुख्य गायक के साथ मिलाकर उसकी आवाज़ को बल प्रदान करते हैं।
  • वे ‘स्थायी’ (गीत की मुख्य पंक्ति) को सँभाले रखते हैं जब गायक कठिन तानों में उलझ जाता है।
  • जब मुख्य गायक का गला बैठने लगता है और उत्साह कम होने लगता है, तब वे अपनी आवाज़ मिलाकर उसे सहारा और ढाढ़स देते हैं।
प्रश्न 4
भाव स्पष्ट कीजिए- “और उसकी आवाज में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है… उसे विफलता नहीं उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।”
इन पंक्तियों का भाव यह है कि संगतकार जानबूझकर अपनी आवाज़ को मुख्य गायक से ऊँचा नहीं उठाता। उसकी आवाज़ में जो संकोच या ‘हिचक’ सुनाई देती है, वह उसकी कमजोरी या असफलता नहीं है। बल्कि, यह उसकी मनुष्यता और त्याग का प्रमाण है। वह अपने गुरु या मुख्य गायक के सम्मान में स्वयं पीछे रहना स्वीकार करता है ताकि मुख्य गायक का प्रभाव कम न हो।
प्रश्न 5
किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पाने वाले लोगों को अनेक लोग तरह-तरह से अपना योगदान देते हैं। कोई एक उदाहरण देकर इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
यह कथन पूर्णतः सत्य है। किसी भी सफल व्यक्ति के पीछे अनेक अदृश्य सहयोगियों का हाथ होता है। उदाहरण के लिए, एक सफल फिल्म अभिनेता की प्रसिद्धि के पीछे निर्देशक, लेखक, संगीतकार, कैमरामैन, मेकअप आर्टिस्ट और स्पॉट बॉय जैसे सैकड़ों लोगों का योगदान होता है। परदे पर केवल अभिनेता चमकता है, लेकिन उसके पीछे की पूरी टीम ‘संगतकार’ की भूमिका निभाती है।
प्रश्न 6
कभी-कभी तारसप्तक की ऊँचाई पर पहुँचकर मुख्य गायक का स्वर बिखरता नजर आता है उस समय संगतकार उसे बिखरने से बचा लेता है। स्पष्ट कीजिए।
गायन के दौरान जब मुख्य गायक ऊँचे सुरों (तारसप्तक) में गाता है, तो कभी-कभी उसका गला बैठने लगता है और प्रेरणा साथ छोड़ने लगती है। उसकी आवाज़ में थकान और बिखराव आने लगता है। ऐसे नाज़ुक समय में संगतकार अपनी कोमल और स्थिर आवाज़ मिलाकर गायक को सहारा देता है। वह उसे महसूस कराता है कि वह अकेला नहीं है, जिससे गायक का आत्मविश्वास पुनः लौट आता है।
प्रश्न 7
सफलता के चरम शिखर पर पहुँचने के दौरान यदि व्यक्ति लड़खड़ाता है तब उसे सहयोगी किस तरह सँभालते हैं?
जब कोई व्यक्ति सफलता के शिखर पर पहुँचकर लड़खड़ाने लगता है, तो उसके सहयोगी उसे भावनात्मक और मानसिक संबल देते हैं। वे उसे उसकी पिछली सफलताओं की याद दिलाते हैं, उसकी कमियों को ढक लेते हैं और अपने सुझावों व सहयोग से उसे पुनः खड़ा होने की हिम्मत देते हैं। वे उसका मनोबल गिरने नहीं देते और उसे बिखरने से बचा लेते हैं।
रचना और अभिव्यक्ति
प्रश्न 8
कल्पना कीजिए कि आपको किसी कार्यक्रम में प्रस्तुति देनी है लेकिन सहयोगी नहीं आए। (क) अपनी स्थिति का वर्णन करें। (ख) आप कैसे सामना करेंगे?
(क) स्थिति: ऐसी स्थिति में घबराहट होना स्वाभाविक है। दर्शकों की भीड़ देखकर मन में चिंता और भय उत्पन्न होगा कि अकेले कार्यक्रम कैसे सँभाला जाए। हाथ-पैर ठंडे पड़ सकते हैं और आत्मविश्वास डगमगा सकता है।

(ख) समाधान: मैं हिम्मत नहीं हारूँगा। मैं तुरंत निर्णय लेकर अकेले ही प्रस्तुति देने का प्रयास करूँगा। मैं दर्शकों से संवाद स्थापित करूँगा और अपनी प्रस्तुति में कुछ बदलाव कर उसे एकल प्रदर्शन के अनुकूल बनाऊँगा। आत्मविश्वास बनाए रखना ही सफलता की कुंजी होगी।
प्रश्न 9
सांस्कृतिक समारोह में मंच के पीछे काम करने वाले सहयोगियों की भूमिका पर अनुच्छेद लिखिए।
सांस्कृतिक समारोह की सफलता में मंच के पीछे काम करने वाले (Backstage) सहयोगियों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान होती है। वे ही मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था (Lighting), ध्वनि (Sound), और कलाकारों की वेशभूषा का प्रबंधन करते हैं। वे अतिथियों के स्वागत और बैठने की व्यवस्था सँभालते हैं। यदि वे अपना कार्य सही समय पर न करें, तो मंच पर चल रहा अच्छा कार्यक्रम भी विफल हो सकता है। वे ‘संगतकार’ की भाँति पर्दे के पीछे रहकर कार्यक्रम को सफल बनाते हैं।
प्रश्न 10
संगतकार की पंक्ति वाले लोग प्रतिभावान होते हुए भी शीर्ष स्थान पर क्यों नहीं पहुँच पाते?
संगतकार की पंक्ति वाले लोग अक्सर प्रतिभावान होते हैं, लेकिन वे शीर्ष स्थान पर इसलिए नहीं पहुँच पाते क्योंकि वे अपनी नैतिकता और गुरु-शिष्य परंपरा के कारण स्वयं को पीछे रखते हैं। वे मुख्य कलाकार का सम्मान करते हैं और नहीं चाहते कि उनकी कला मुख्य कलाकार से श्रेष्ठ दिखे। कभी-कभी संकोच, आत्मविश्वास की कमी या उचित अवसर न मिलना भी इसका कारण होता है।
पाठेतर सक्रियता
प्रश्न 1
किसी फिल्म की सफलता में अभिनेताओं के अतिरिक्त किन लोगों का योगदान रहता है?
फिल्म की सफलता में निर्देशक (Director), लेखक (Writer), संगीतकार, गीतकार, छायाकार (Cinematographer), संपादक (Editor), और पूरी तकनीकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उदाहरण के लिए, फिल्म ‘3 Idiots’ की सफलता केवल आमिर खान के अभिनय से नहीं, बल्कि राजकुमार हिरानी के निर्देशन, अच्छी पटकथा और पूरी टीम की मेहनत का परिणाम थी।
प्रश्न 2
विद्यालय में गायिका की प्रस्तुति के लिए (क) नोटिस और (ख) परिचय आलेख (Script) तैयार करें।
(क) सूचना (Notice):
तिवारी अकादमी लर्निंग स्कूल, दिल्ली
दिनांक: 14 अक्टूबर 2025
सूचना: गीत प्रस्तुति का आयोजन
सभी विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि 20 अक्टूबर 2025 को प्रातः 10:00 बजे प्रसिद्ध गायिका वान्या शुक्ला की गीत प्रस्तुति का आयोजन सभागार में किया जाएगा। आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
– संयोजक (सांस्कृतिक समिति)

(ख) परिचय आलेख (Introduction Script):
“सुप्रभात! आज हमारे विद्यालय के लिए गौरव का क्षण है। हमारे बीच सुप्रसिद्ध गायिका सुश्री वान्या शुक्ला जी उपस्थित हैं। आपने संगीत की दुनिया में अपनी सुरीली आवाज़ से विशेष पहचान बनाई है। आज संगतकार के रूप में तबले पर श्री अनंत तिवारी और हारमोनियम पर श्री निखिल मिश्रा इनका साथ देंगे। कृपया तालियों से इनका स्वागत करें!”
लघु एवं अति लघु उत्तरीय प्रश्न
Q1
संगतकार किसका साथ देता है?
संगतकार मुख्य गायक के भारी, चट्टान जैसे स्वर का साथ देता है।
Q2
संगतकार की आवाज़ कैसी है?
संगतकार की आवाज़ सुंदर, कमजोर और काँपती हुई है, जिसमें एक स्पष्ट हिचक भी दिखाई देती है।
Q3
मुख्य गायक से संगतकार का क्या संबंध हो सकता है?
वह मुख्य गायक का छोटा भाई, शिष्य या कोई दूर का रिश्तेदार हो सकता है।
Q4
संगतकार मुख्य गायक को क्या याद दिलाता है?
वह गायक को उसका नौसिखिया बचपन याद दिलाता है जब वह सीख रहा था।
Q5
“जैसे समेटता हो मुख्य गायक का पीछे छूटा हुआ सामान” – इसका अर्थ क्या है?
इसका अर्थ है कि जब गायक सुरों में भटक जाता है या उसकी लय टूट जाती है, तो संगतकार उस ‘छूटे हुए सुर’ को सँभाल लेता है और गायन को बिखरने नहीं देता, जैसे कोई बिखरा सामान समेट रहा हो।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Q1
संगतकार की आवाज़ में ‘हिचक’ और ‘स्वर को ऊँचा न उठाने की कोशिश’ को कवि ने ‘मनुष्यता’ क्यों कहा है?
कवि ने इसे ‘मनुष्यता’ इसलिए कहा है क्योंकि संगतकार में प्रतिभा होने के बावजूद वह अहंकार नहीं करता। वह जानबूझकर अपनी आवाज़ को मुख्य गायक से नीचा रखता है ताकि मुख्य गायक का महत्त्व बना रहे। यह उसकी विनम्रता, त्याग और दूसरे को सम्मान देने की भावना है। आज के प्रतिस्पर्धी युग में दूसरों को आगे बढ़ाने के लिए स्वयं पीछे रहना एक दुर्लभ मानवीय गुण है।
Q2
“और यह कि फिर से गाया जा सकता है गाया जा चुका राग” – यह पंक्ति किस विश्वास को व्यक्त करती है?
यह पंक्ति आशा और पुनरुत्थान के विश्वास को व्यक्त करती है। जब मुख्य गायक थक जाता है या हताश हो जाता है, तो संगतकार का स्वर उसे याद दिलाता है कि हार मत मानो। जो राग बिगड़ गया है या गा दिया गया है, उसे नए उत्साह के साथ फिर से गाया जा सकता है। यह जीवन में भी लागू होता है कि असफलता अंत नहीं है, बल्कि नई शुरुआत का अवसर है।
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