Class 10 Hindi Sparsh Ch 10 – Tantara Vamiro Katha | All Questions
तताँरा-वामीरो कथा
लेखक: लीलाधर मंडलोई (Leeladhar Mandloi)
लघु प्रश्न-उत्तर (Short Questions)
प्रश्न 1
तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या मत था?
तताँरा की तलवार लकड़ी की थी और हर वक्त तताँरा की कमर पर बँधी रहती थी। लोगों का यह मत था कि उस तलवार में अद्भुत दैवीय शक्ति थी। वास्तव में वह तलवार एक विलक्षण रहस्य थी जिसका प्रयोग वह सबके सामने नहीं करता था.
प्रश्न 2
वामीरो ने तताँरा को बेरुखी से क्या जवाब दिया?
वामीरो ने तताँरा को बहुत ही बेरुखी से जवाब दिया कि पहले वह कहे कि वह कौन है और इस तरह के प्रश्न उससे क्यों पूछ रहा है। वह एक अजनबी से बात नहीं करना चाहती थी.
प्रश्न 3
तताँरा-वामीरो की त्यागमयी मृत्यु से निकोबार में क्या परिवर्तन आया?
तताँरा-वामीरो की त्यागमयी मृत्यु की दुर्घटना के बाद निकोबार द्वीपसमूह के लोगों की सोच बदल गई। अब दूसरे गांवों के लोग भी आपस में वैवाहिक संबंध रखने लगे। रूढ़ियों के बंधन टूट गए.
प्रश्न 4
निकोबार के लोग तताँरा को क्यों पसंद करते थे?
निकोबार के लोग तताँरा को उसके अपनेपन के स्वभाव के कारण पसंद करते थे। वह एक नेक, ईमानदार और साहसी व्यक्ति था जो मुसीबत के वक्त भाग-भागकर सभी लोगों की मदद करता था.
विस्तृत प्रश्न-उत्तर (Long Questions)
प्रश्न 5
निकोबार द्वीप समूह के विभक्त होने के बारे में निकोबारियों का क्या विश्वास है?
निकोबारियों का यह विश्वास था कि पहले अंडमान और निकोबार दोनों एक ही द्वीप थे। इनके दो होने के पीछे तताँरा-वामीरो की एक लोक कथा प्रचलित है। तताँरा और वामीरो एक-दूसरे से प्रेम करते थे, लेकिन अलग-अलग गाँव के होने के कारण उनका विवाह नहीं हो सकता था। इस रूढ़ि के विरोध में और अत्यधिक क्रोध में तताँरा ने अपनी तलवार से ज़मीन को दो भागों में काट दिया। जिससे एक हिस्सा निकोबार (छोटा अंडमान) और दूसरा अंडमान बन गया.
प्रश्न 6
तताँरा खूब परिश्रम करने के बाद कहाँ गया? वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन कीजिए।
तताँरा दिनभर खूब मेहनत करने के बाद समुद्र के तट पर टहलने निकल गया। शाम का वक्त था और समुद्र से ठंडी हवाएँ आ रही थीं। पक्षियों की चहचहाट धीरे-धीरे कम हो रही थी। डूबते हुए सूरज की किरणें समुद्र के पानी पर पड़कर सतरंगी छटा बिखेर रही थीं। समुद्र का पानी बहते हुए आवाज़ कर रहा था मानो कोई गीत गुनगुना रहा हो। पूरा वातावरण बहुत मनमोहक लग रहा था.
प्रश्न 7
रूढ़ियाँ जब बंधन बन बोझ बनने लगें तब उनका टूट जाना ही अच्छा है। क्यों? स्पष्ट कीजिए।
रूढ़ियाँ और बंधन समाज को अनुशासित करने के लिए बनते हैं, लेकिन जब इन्हीं के द्वारा मनुष्य की भावना आहत होने लगे और विकास रुक जाए, तो उनका टूट जाना ही बेहतर होता है। इस कहानी में तताँरा-वामीरो का विवाह रूढ़ि (अलग गाँव के नियम) के कारण नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें अपनी जान देनी पड़ी। ऐसी रूढ़ियाँ जो किसी का भला करने की जगह नुकसान करें, उनका समय के अनुसार बदल जाना ही समाज के हित में होता है.
आशय स्पष्ट कीजिए (Explanation)
प्रश्न 8
जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसने शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।
आशय: तताँरा-वामीरो को मालूम हो गया था कि उनकी शादी नहीं हो सकती क्योंकि वे अलग-अलग गाँवों के थे। पशु पर्व में जब वामीरो की माँ ने तताँरा को अपमानित किया और वामीरो रोने लगी, तो तताँरा को भीषण क्रोध आ गया। अपने गुस्से को काबू करने के लिए उसने अपनी लकड़ी की तलवार को पूरी ताकत से ज़मीन में गाड़ दिया और खींचने लगा, जिससे धरती दो हिस्सों में बँट गई.
प्रश्न 9
बस आस की एक किरण थी जो समुद्र की देह पर डूबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी।
आशय: तताँरा ने वामीरो से मिलने के लिए कहा था और वह शाम के समय उसका इंतज़ार भी कर रहा था। जैसे-जैसे सूरज डूब रहा था, उसकी उम्मीद भी डूबती जा रही थी कि वामीरो आएगी या नहीं। आशा की किरण डूबते सूरज की तरह क्षीण होती जा रही थी, लेकिन मन में एक उम्मीद अभी भी बाकी थी.
भाषा-अध्ययन
प्रश्न 10
वाक्य परिवर्तन और मुहावरे
(क) मुहावरों का प्रयोग:
सुध-बुध खोना (होश खोना): मधुर संगीत सुनकर वह अपनी सुध-बुध खो बैठा।
बाट जोहना (इंतजार करना): शाम होते ही माँ सबकी बाट जोहने लगती।
खुशी का ठिकाना न रहना (बहुत खुश होना): परीक्षा में प्रथम आने पर खुशी का ठिकाना न रहा।
आग बबूला होना (अत्यधिक क्रोधित होना): अपमानजनक बातें सुनकर वह आग बबूला हो गया.