प्रश्न 1
शुद्ध सोना और गिन्नी का सोना अलग क्यों होता है?
शुद्ध सोना पूरी तरह से असली होता है, लेकिन गिन्नी के सोने में थोड़ी मात्रा में ताँबा मिलाया जाता है। ताँबा मिलाने से गिन्नी का सोना शुद्ध सोने से अधिक मजबूत और चमकदार हो जाता है। शुद्ध सोना बहुत मुलायम होता है, जबकि गिन्नी का सोना सख्त होता है.
प्रश्न 2
प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट किसे कहते हैं?
‘प्रैक्टिकल आइडियालिस्ट’ (व्यावहारिक आदर्शवादी) उन लोगों को कहते हैं जो अपने आदर्शों के साथ-साथ व्यावहारिकता (Practicality) का भी ध्यान रखते हैं। वे केवल हवा में बातें नहीं करते, बल्कि मौके का फायदा उठाना जानते हैं और समय के अनुसार अपने आदर्शों को थोड़ा लचीला बना लेते हैं। वे समाज में ‘सफल’ माने जाते हैं.
प्रश्न 3
पाठ के संदर्भ में शुद्ध आदर्श क्या है?
पाठ के संदर्भ में ‘शुद्ध आदर्श’ वह है जिसमें व्यावहारिकता (फायदा-नुकसान) की मिलावट न हो। जब आदर्शों का पालन करते समय हम नफे-नुकसान की चिंता नहीं करते और पूरी ईमानदारी से अपने सिद्धांतों पर चलते हैं, तो उसे शुद्ध आदर्श कहा जाता है.
प्रश्न 4
लेखक ने जापानियों के दिमाग में स्पीड का इंजन लगने की बात क्यों कही है?
लेखक ने ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि जापानी लोग विकास की दौड़ में सबसे आगे निकलने की होड़ में लगे हैं। वे एक महीने का काम एक दिन में पूरा करने की कोशिश करते हैं। उनके दिमाग में हमेशा तनाव और रफ्तार बनी रहती है, जिससे वे मानसिक रूप से बहुत व्यस्त और थके हुए रहते हैं.
प्रश्न 5
जापानी में चाय पीने की विधि को क्या कहते हैं?
जापान में चाय पीने की इस विशेष विधि को ‘चा-नो-यू’ (Tea Ceremony) कहते हैं.