घर की याद (Ghar Ki Yaad)

एनसीईआरटी समाधान • कक्षा 11 हिंदी (आरोह) • भवानी प्रसाद मिश्र
कविता के साथ (Textbook Questions)
1. पानी के रात भर गिरने और प्राण-मन के घिरने में परस्पर क्या संबंध है?
पानी के गिरने और प्राण-मन के घिरने में गहरा और सीधा संबंध है।
  • स्मृति उद्दीपन: जैसे-जैसे रात भर पानी बरसता है, वैसे-वैसे कवि के मन में घर की यादें सघन होती जाती हैं।
  • समानता: बाहर पानी गिर रहा है (वर्षा) और भीतर कवि के आँखों से पानी (आँसू) गिरने को आतुर है।
  • प्रभाव: वर्षा का वातावरण कवि के मन को भावुक और भारी बना देता है, जिससे उसका मन घर की यादों से ‘घिर’ जाता है।
2. मायके आई बहन के लिए कवि ने घर को ‘परिताप का घर’ क्यों कहा है?
‘परिताप’ का अर्थ है अत्यधिक दुख या कष्ट।
बहन अपने मायके (पिता के घर) यह सोचकर आई होगी कि वहाँ सब से मिलकर खुशी मिलेगी। लेकिन घर आकर उसे पता चला कि उसका सबसे छोटा भाई (कवि) जेल में है।
इस खबर ने घर की खुशियों को दुख में बदल दिया। एक सदस्य की अनुपस्थिति ने पूरे घर को उदास कर दिया, इसलिए कवि ने उसे ‘परिताप का घर’ कहा है।
3. पिता के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं को उकेरा गया है?
कवि ने अपने पिता के व्यक्तित्व की निम्नलिखित विशेषताएँ बताई हैं:
  • मजबूत और स्वस्थ: बुढ़ापा उन्हें छू भी नहीं गया है। वे आज भी दौड़ सकते हैं और खिलखिलाकर हँसते हैं।
  • धार्मिक और अनुशासित: वे रोज गीता का पाठ करते हैं और ‘260 दंड’ (व्यायाम) पेलते हैं।
  • साहसी: वे मौत के सामने भी नहीं हिचकते और शेर के सामने भी नहीं डरते।
  • भावुक: ऊपर से सख्त दिखने वाले पिता अंदर से कोमल हैं। बेटे (भवानी) की याद आते ही उनकी आँखें भर आती हैं।
4. ‘बस’ शब्द के प्रयोग की विशेषता बताइए:
पंक्तियाँ: “मैं मजे में हूँ सही है, घर नहीं हूँ बस यही है। किंतु यह बस बड़ा बस है, इसी बस से सब विरस है।”
यहाँ कवि ने ‘बस’ शब्द का प्रयोग यमक अलंकार की छटा के साथ चार अलग-अलग अर्थों/भावों में किया है:
  1. पहला ‘बस’ (केवल): “घर नहीं हूँ बस यही है” – कवि इसे एक छोटी सी बात बताने की कोशिश कर रहा है (मात्र इतना ही तो है)।
  2. दूसरा ‘बस’ (नियंत्रण/विवशता): “किंतु यह बस” – यहाँ यह शब्द विवशता को दर्शाता है कि यह मेरे वश में नहीं है।
  3. तीसरा ‘बस’ (विशाल/कठिन): “बड़ा बस है” – यह केवल छोटी सी बात नहीं, बल्कि बहुत बड़ी विडंबना और कष्ट है।
  4. चौथा ‘बस’ (कारण): “इसी बस से” – इसी अलगाव के कारण सब कुछ नीरस (विरस) हो गया है।
5. कविता की अंतिम 12 पंक्तियों को पढ़कर कल्पना कीजिए कि कवि अपनी किस स्थिति व मनःस्थिति को अपने परिजनों से छिपाना चाहता है?
कवि जेल में अपनी वास्तविक दयनीय स्थिति को छिपाना चाहता है।
वह सावन (मेघ) से कहता है कि मेरे पिता को यह मत बताना कि:
  • मैं यहाँ उदास और निराश हूँ।
  • मैं चुपचाप रहता हूँ और खुद से ही पराया हो गया हूँ।
  • मैं कमजोर हो गया हूँ और मेरा वजन घट गया है।
  • मैं अस्त-व्यस्त (बावला) सा हो गया हूँ।
वह यह सब इसलिए छिपाना चाहता है ताकि उसके बूढ़े पिता को और अधिक दुख न हो।
कविता के आस-पास (Around the Lesson)
1. प्रकृति के उपादान संदेशवाहक के रूप में।
भारतीय साहित्य में प्रकृति (बादल, हवा, पक्षी) को दूत बनाने की पुरानी परंपरा है। उदाहरण:
  • मेघदूत (कालिदास): यक्ष बादलों के द्वारा अपनी पत्नी को संदेश भेजता है।
  • रामचरितमानस: सीता की खोज में राम पशु-पक्षियों और पेड़ों से पूछते हैं।
  • नागमती वियोग वर्णन (जायसी): नागमती पक्षियों (भंवरा/काग) के द्वारा संदेश भेजती है।
2. घर से अलग होकर आप घर को किस तरह याद करते हैं?
(विद्यार्थी का अनुभव)
घर से दूर होने पर घर की छोटी-छोटी बातें याद आती हैं—माँ के हाथ का खाना, पिता की डाँट में छिपा प्यार, भाई-बहनों के साथ लड़े-झगड़े, और घर का वह सुकून जो दुनिया में कहीं और नहीं मिलता। त्यौहारों पर और बीमारी में घर की याद सबसे ज्यादा सताती है।
शब्द-छवि (Word Meanings)
शब्द (Word)अर्थ (Meaning)
नज़र में तिर रहा हैआँखों में तैर रहा है (दृश्य याद आना)
पूर है जोजो परिपूर्ण है (खुशियों से भरा)
परितापअत्यधिक दुख / कष्ट (Deep Sorrow)
नवनीतमक्खन (Butter – यहाँ कोमलता का प्रतीक)
हेटेगौण / हीन / छोटे (Inferior/Lesser)
लीकपरंपरा / रास्ता (Tradition)
पाँव पीछे हटानावचन से मुकरना या डर जाना
विरसनीरस / आनंदहीन (Joyless)
कोख लजानामाँ का अपमान करना (Disgrace)
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