चंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती
एनसीईआरटी समाधान • कक्षा 11 हिंदी (आरोह) • त्रिलोचनकविता के साथ (Textbook Questions)
1. चंपा ने ऐसा क्यों कहा कि कलकत्ता पर बजर गिरे?
चंपा एक भोली ग्रामीण लड़की है। उसके लिए ‘कलकत्ता’ शहर विकास का नहीं, बल्कि अलगाव और शोषण का प्रतीक है।
उसे डर है कि शादी के बाद उसका पति कमाने के लिए कलकत्ता चला जाएगा और उसे अकेला छोड़ देगा। वह नहीं चाहती कि उसका परिवार टूटे, इसलिए वह गुस्से और खीझ में श्राप देती है कि उस शहर (कलकत्ता) पर वज्र (बजर) गिरे जिसने परिवारों को अलग किया है।
उसे डर है कि शादी के बाद उसका पति कमाने के लिए कलकत्ता चला जाएगा और उसे अकेला छोड़ देगा। वह नहीं चाहती कि उसका परिवार टूटे, इसलिए वह गुस्से और खीझ में श्राप देती है कि उस शहर (कलकत्ता) पर वज्र (बजर) गिरे जिसने परिवारों को अलग किया है।
2. चंपा को इस पर क्यों विश्वास नहीं होता कि गांधी बाबा ने पढ़ने-लिखने की बात कही होगी?
चंपा के मन में यह धारणा बैठी हुई है कि पढ़ाई-लिखाई चालाकी और छल-कपट का काम है।
दूसरी ओर, उसने सुन रखा है कि गांधी बाबा बहुत अच्छे और भले इंसान हैं। उसे विश्वास नहीं होता कि इतना अच्छा आदमी (गांधी जी) किसी ऐसी बुरी चीज़ (पढ़ाई) का समर्थन करेगा जो लोगों को चालाक बनाती है या परिवारों को तोड़ती है।
दूसरी ओर, उसने सुन रखा है कि गांधी बाबा बहुत अच्छे और भले इंसान हैं। उसे विश्वास नहीं होता कि इतना अच्छा आदमी (गांधी जी) किसी ऐसी बुरी चीज़ (पढ़ाई) का समर्थन करेगा जो लोगों को चालाक बनाती है या परिवारों को तोड़ती है।
3. कवि ने चंपा की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है?
कवि ने चंपा की निम्नलिखित विशेषताओं का उल्लेख किया है:
- नटखट और शरारती: वह कभी कवि की कलम चुरा लेती है तो कभी कागज गायब कर देती है।
- परिश्रमी: वह रोज अपने पिता के मवेशियों (गायों-भैंसों) को चराने ले जाती है।
- स्पष्टवादी: वह अपनी बात बिना किसी डर के सीधे मुँह पर बोल देती है।
- भावुक और परिवार-प्रेमी: वह अपने भविष्य के परिवार को साथ रखना चाहती है और विछोह (अलगाव) के खिलाफ है।
- अनपढ़ (निरक्षर): वह काले अक्षरों को नहीं पहचानती।
4. आपके विचार में चंपा ने ऐसा क्यों कहा होगा कि मैं तो नहीं पढ़ूँगी?
मेरे विचार से चंपा ने ऐसा इसलिए कहा होगा क्योंकि:
- उसे लगता है कि शिक्षित लोग स्वार्थी हो जाते हैं और अपने घर-गाँव को छोड़कर शहर (कलकत्ता) चले जाते हैं।
- वह अपनी ग्रामीण सादगी और सहजता को खोना नहीं चाहती।
- वह पढ़ाई को ‘छल’ मानती है, इसलिए वह विद्रोह स्वरूप पढ़ने से मना कर देती है।
कविता के आस-पास (Around the Lesson)
1. यदि चंपा पढ़ी-लिखी होती, तो कवि से कैसे बातें करती?
यदि चंपा पढ़ी-लिखी होती, तो:
- वह कवि की लेखन सामग्री (पेन/कागज) नहीं चुराती, बल्कि शायद उनकी कविताओं को पढ़ती और उन पर चर्चा करती।
- वह कलकत्ता को श्राप देने के बजाय, पत्रों के महत्व को समझती।
- उसकी बातों में वह ग्रामीण भोलापन और अल्हड़पन शायद कम हो जाता जो अभी है।
2. इस कविता में पूर्वी प्रदेशों की स्त्रियों की किस विडंबनात्मक स्थिति का वर्णन हुआ है?
इस कविता में पूर्वी भारत (बिहार/यूपी) की स्त्रियों की उस विडंबना का वर्णन है जहाँ पलायन (Migration) के कारण उन्हें विरह वेदना सहनी पड़ती है।
रोजगार की तलाश में पुरुष शहरों (कलकत्ता) चले जाते हैं और उनकी स्त्रियाँ गाँव में अकेली रह जाती हैं। वे अनपढ़ होने के कारण अपने पतियों को पत्र भी नहीं लिख सकतीं और न ही उनके पत्र पढ़ सकती हैं।
रोजगार की तलाश में पुरुष शहरों (कलकत्ता) चले जाते हैं और उनकी स्त्रियाँ गाँव में अकेली रह जाती हैं। वे अनपढ़ होने के कारण अपने पतियों को पत्र भी नहीं लिख सकतीं और न ही उनके पत्र पढ़ सकती हैं।
3. संदेश ग्रहण करने और भेजने में असमर्थ होने पर एक अनपढ़ लड़की को किस वेदना को भोगना पड़ता है?
एक अनपढ़ लड़की के लिए यह स्थिति अत्यंत कष्टदायी होती है:
- गोपनीयता का हनन: उसे पत्र लिखवाने या पढ़वाने के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे उसकी निजी बातें सार्वजनिक हो जाती हैं।
- ठगे जाने का डर: उसे पता नहीं चलता कि लिखने वाले ने सही बात लिखी है या नहीं।
- मानसिक पीड़ा: अपने प्रियजन से संपर्क न कर पाने की लाचारी उसे अंदर ही अंदर घुटने पर मजबूर कर देती है।
शब्द-छवि (Word Meanings)
| शब्द (Word) | अर्थ (Meaning) |
|---|---|
| चीन्हती | पहचानती (Recognizes) |
| चीन्हों | चिह्नों / अक्षरों (Signs/Letters) |
| चौपायों | चार पैरों वाले जानवरों (Cattle) |
| कागद | कागज़ (Paper) |
| हारे-गाढ़े काम सरेगा | कठिनाई या मुसीबत में काम आएगा |
| बालम | पति / स्वामी (Husband) |
| बजर गिरे | वज्र गिरे / भारी विपत्ति आए (Calamity strike) |
| काले-काले अच्छर | काले अक्षर (Printed words) |