जामुन का पेड़ (Jamun Ka Ped)

एनसीईआरटी समाधान • कक्षा 11 हिंदी (आरोह) • कृष्ण चंदर
पाठ के साथ (Textbook Questions)
1. “बेचारा जामुन का पेड़। कितना फलदार था। और इसकी जामुनें कितनी रसीली होती थीं।”
(क) ये संवाद कहानी के किस प्रसंग में आए हैं?
यह संवाद सचिवालय (Secretariat) के लॉन में जामुन का पेड़ गिरने के बाद वहाँ जमा हुए क्लर्कों द्वारा बोले गए हैं। पेड़ के नीचे एक आदमी दबा हुआ है, लेकिन वे पेड़ और फलों की बातें कर रहे हैं।
(ख) इससे लोगों की कैसी मानसिकता का पता चलता है?
इससे लोगों की संवेदनहीनता (Insensitivity) और स्वार्थपरकता का पता चलता है। उन्हें पेड़ के नीचे तड़पते हुए जीवित इंसान की चिंता नहीं है, बल्कि उन्हें रसीली जामुनों के नष्ट होने का दुख है। यह दिखाता है कि सरकारी तंत्र में मनुष्य की जान की कीमत फलों से भी कम है।
2. दबा हुआ आदमी एक कवि है, यह बात कैसे पता चली और इस जानकारी का फाइल की यात्रा पर क्या असर पड़ा?
कैसे पता चला: रात को जब माली दबे हुए आदमी को दाल-भात खिला रहा था, तब उस आदमी ने मिर्ज़ा गालिब का एक शेर बुदबुदाया। माली ने हैरान होकर पूछा, “क्या तुम शायर हो?” आदमी ने सिर हिला दिया।
फाइल पर असर: यह खबर आग की तरह फैल गई।
  • मामला अब केवल पेड़ काटने का नहीं रहा, बल्कि ‘साहित्य’ और ‘संस्कृति’ का बन गया।
  • फाइल एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट (कृषि विभाग) से हटाकर कल्चरल डिपार्टमेंट (सांस्कृतिक विभाग) को भेज दी गई।
  • साहित्य अकादमी के सचिव आए, लेकिन पेड़ काटने के बजाय उन्होंने उस मरते हुए आदमी को अकादमी का सदस्य बना दिया और मिठाई खिलाने लगे। फाइल और लंबी खिंच गई।
3. कृषि-विभाग वालों ने मामले को हॉर्टीकल्चर विभाग को सौंपने के पीछे क्या तर्क दिया?
कृषि विभाग (Agriculture Dept) ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए तर्क दिया कि:
“कृषि विभाग केवल अनाज और खेती-बाड़ी (Grain and Farming) के मामलों का फैसला करता है। जामुन का पेड़ चूँकि एक ‘फलदार पेड़’ है, इसलिए यह मामला हॉर्टीकल्चर विभाग (Horticulture Dept – उद्यान कृषि) के अधिकार क्षेत्र में आता है।”
4. इस पाठ में सरकार के किन-किन विभागों की चर्चा की गई है और पाठ से उनके कार्य के बारे में क्या अंदाज़ा मिलता है?
पाठ में निम्नलिखित विभागों की चर्चा है:
  • व्यापार विभाग (Trade Dept): पेड़ हटाने का काम।
  • कृषि विभाग (Agriculture Dept): खेती और अनाज।
  • हॉर्टीकल्चर विभाग (Horticulture Dept): फलदार पेड़ और बगीचे।
  • मेडिकल विभाग: आदमी के इलाज/प्लास्टिक सर्जरी की संभावना जाँचने के लिए।
  • कल्चरल विभाग: कवि होने के कारण साहित्य अकादमी।
  • विदेश विभाग (Foreign Dept): दूसरे देश (पिटोनिया) के साथ संबंधों का मामला।
  • वन विभाग (Forest Dept): पेड़ काटने की जिम्मेदारी।
अंदाज़ा: इससे पता चलता है कि विभागों में तालमेल की भारी कमी है। हर विभाग काम करने के बजाय फाइल दूसरे पर सरकाने (Red Tape) में विश्वास रखता है।
पाठ के आस-पास (Around the Lesson)
1. कहानी में दो प्रसंग ऐसे हैं, जहाँ लोग पेड़ के नीचे दबे आदमी को निकालने के लिए कटिबद्ध होते हैं। ऐसा कब-कब होता है और यह संकल्प क्यों टूटता है?
पहला प्रयास:
कब: घटना के तुरंत बाद जब माली और कुछ क्लर्क तैयार होते हैं।
क्यों टूटा: सुपरिंटेंडेंट ने आकर रोक दिया और कहा कि “मैं अंडर-सेक्रेटरी से पूछ लूँ” (सरकारी नियम का बहाना)।

दूसरा प्रयास:
कब: दूसरे दिन शाम को जब वन विभाग के लोग आने में देर करते हैं, तो उग्र भीड़ खुद पेड़ हटाने लगती है।
क्यों टूटा: तभी सुपरिंटेंडेंट फाइल लहराता हुआ आया और कहा कि “विदेश विभाग ने मना किया है” क्योंकि यह पेड़ पिटोनिया के प्रधानमंत्री ने लगाया था और इसे काटने से दो देशों के संबंध खराब हो सकते हैं।
2. यह कहानी में हास्य के साथ-साथ करुणा की भी अंतर्धारा है। तर्क दें।
यह बात पूर्णतः सत्य है।
  • हास्य (Humor): विभागों की आपसी खींचतान, प्लास्टिक सर्जरी का प्रस्ताव, और कवि को मिठाई खिलाना हँसी पैदा करता है।
  • करुणा (Tragedy): इस पूरी भागदौड़ में एक जिंदा इंसान तिल-तिल कर मर रहा है। उसकी चींटियाँ रेंग रही हैं, वह दर्द में है, लेकिन कोई उसे बचाने वाला नहीं। अंत में जब फाइल पूरी होती है, तब तक आदमी मर चुका होता है (“उसके जीवन की फाइल भी पूरी हो गई थी”)। यह अंत पाठक को झकझोर देता है।
3. यदि आप माली की जगह होते, तो हुकूमत के फैसले का इंतज़ार करते या नहीं?
यदि मैं माली की जगह होता, तो हुकूमत के फैसले का इंतज़ार नहीं करता
तर्क: किसी भी कानून या नियम से ऊपर ‘मानवता’ और ‘जीवन की रक्षा’ है। मैं अपने साथियों को इकट्ठा करके तुरंत पेड़ हटा देता, चाहे बाद में मुझे नौकरी से निकाल दिया जाता या सजा मिलती। एक जान बचाने के लिए यह जोखिम उठाना उचित है।
शीर्षक सुझाइए (Suggest Titles)
कहानी के लिए वैकल्पिक शीर्षक हो सकते हैं:
  • फाइल का सफर (The Journey of File): क्योंकि पूरी कहानी फाइल के इधर-उधर घूमने पर आधारित है।
  • सरकारी संवेदनहीनता (Governmental Apathy): यह कहानी तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर करती है।
  • लगाम और लाल फीताशाही (Red Tape): सरकारी कामों में होने वाली अनावश्यक देरी के संदर्भ में।
  • जीवन की फाइल: क्योंकि अंत में पेड़ की फाइल के साथ आदमी के जीवन की फाइल भी बंद हो जाती है।
भाषा की बात (Language Study)
1. अंग्रेज़ी शब्दों के हिंदी प्रयोग (Hindi Equivalents):
English TermHindi Equivalent
Urgentअति आवश्यक
Forest Departmentवन विभाग
Memberसदस्य
Deputy Secretaryउप-सचिव
Chief Secretaryमुख्य सचिव
Ministerमंत्री
Under Secretaryअवर सचिव
Horticulture Dept.उद्यान कृषि विभाग
Agriculture Dept.कृषि विभाग
2. संयुक्त वाक्य से सरल वाक्य में रूपांतरण:
उदाहरण: “इसकी चर्चा शहर में भी फैल गई और शाम तक गली-गली से शायर जमा होने शुरू हो गए।”
सरल वाक्य: इसकी चर्चा शहर में फैलते ही शाम तक गली-गली से शायर जमा होने शुरू हो गए।

अन्य उदाहरण (पाठ के आधार पर):
  • संयुक्त: माली ने पेड़ हटाया और दबे हुए आदमी को खाना खिलाया।
    सरल: माली ने पेड़ हटाकर दबे हुए आदमी को खाना खिलाया।
  • संयुक्त: यह पेड़ पिटोनिया के प्रधानमंत्री ने लगाया था और इसे काटने से संबंध बिगड़ सकते हैं।
    सरल: पिटोनिया के प्रधानमंत्री द्वारा लगाए गए इस पेड़ को काटने से संबंध बिगड़ सकते हैं।
  • संयुक्त: दूसरे दिन फाइल चलती रही और शाम हो गई।
    सरल: दूसरे दिन फाइल चलते-चलते शाम हो गई।
  • संयुक्त: आदमी कवि है और यह मामला कल्चरल डिपार्टमेंट का है।
    सरल: आदमी के कवि होने के कारण यह मामला कल्चरल डिपार्टमेंट का है।
  • संयुक्त: आधा दिन बीत गया और पेड़ नहीं हटा।
    सरल: आधा दिन बीतने पर भी पेड़ नहीं हटा।
3. काल्पनिक साक्षात्कार (Imaginary Interview):
विषय: दबे हुए आदमी की मृत्यु के लिए जिम्मेदार सुपरिंटेंडेंट का साक्षात्कार।
पत्रकार: सर, क्या आपको नहीं लगता कि फाइल घुमाने के चक्कर में एक जान चली गई?

सुपरिंटेंडेंट: देखिए, हमने तो नियम के अनुसार काम किया। सरकारी काम में प्रक्रिया (Procedure) सबसे महत्वपूर्ण है। हम बिना अनुमति पेड़ कैसे काटते?

पत्रकार: लेकिन क्या इंसान की जान नियम से बड़ी नहीं है?

सुपरिंटेंडेंट: जान तो बड़ी है, लेकिन अगर हम नियम तोड़ते तो हमारी पेंशन और नौकरी दोनों चली जाती। विदेश संबंधों का सवाल था भाई साहब! हमने तो फाइल “मार्क” कर दी थी, देरी तो ऊपर वालों ने की। हम तो बस हुक्म के गुलाम हैं।
शब्द-छवि (Word Meanings)
शब्द (Word)अर्थ (Meaning)
झक्कड़आँधी (Storm/Gale)
रुआँसारोनी सूरत / रोने जैसा (Tearful)
ताज्जुबआश्चर्य / हैरानी (Surprise)
हॉर्टीकल्चरउद्यान कृषि (Gardening/Fruit cultivation)
एग्रीकल्चरकृषि / खेती-बाड़ी
तगाफुलउपेक्षा / विलंब / लापरवाही (Negligence/Delay)
मिराकलचमत्कार
अंडर-कन्सीडरेशनविचाराधीन
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